
क्राइम रिपोर्टर| बलौदा बाजार
बलौदा बाजार पुलिस ने आम आदमी पार्टी के युवा विंग के जिला अध्यक्ष भुवनेश्वर सिंह डहरिया समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये तीनों आरोपी 10 जून 2024 को बलौदा बाजार में हुए तोड़फोड़, आगजनी और हिंसा के मामले में पिछले 9 महीने से फरार थे। पुलिस ने इन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस गिरफ्तारी के साथ अब तक इस कांड में कुल 191 लोग सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार किए गए अन्य दो आरोपी दीपक धृतलहरे (32) निवासी दशरमा और सुशील बंजारे (32) निवासी भाटागांव हैं। इससे पहले इस मामले में कांग्रेस, भीम आर्मी, भीम रेजिमेंट, भीम क्रांतिवीर, सतनाम सेना सहित कई संगठनों के नेताओं को भी जेल भेजा जा चुका है। अब आम आदमी पार्टी के नेता की गिरफ्तारी के बाद यह मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है। बलौदा बाजार पुलिस ने बताया कि 10 जून 2024 को बलौदा बाजार में सतनामी समाज के आंदोलन के दौरान भयानक आगजनी और तोड़फोड़ हुई थी। इस हिंसा में सरकारी संपत्ति को 12.53 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। इसके अलावा, 240 से अधिक सरकारी और निजी वाहन क्षतिग्रस्त हुए थे, जिनमें से 99 वाहन उपद्रवियों ने आग के हवाले कर दिए थे। इस मामले में पुलिस ने अब तक 188 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन तीन और गिरफ्तारियों के साथ यह संख्या 191 तक पहुंच गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक सिंह ने कहा कि इस मामले में कानूनी कार्रवाई जारी है, और जांच पूरी होने के बाद अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कसा जाएगा। विशेष लोक अभियोजक मुकुंद देशपांडे ने कोर्ट में सरकार की तरफ से पक्ष रखा। फिलहाल, इस नए घटनाक्रम के बाद बलौदा बाजार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और अब देखना होगा कि पुलिस आगे और किन आरोपियों पर शिकंजा कसती है।
कैसे भड़की थी बलौदा बाजार में हिंसा
15-16 मई 2024 की रात गिरौदपुरी के पास स्थित ग्राम महकोनी के अमरगुफा में सतनामी समाज के धार्मिक प्रतीक चिन्ह ‘जैतखाम’ को तोड़े जाने की घटना सामने आई थी। इस घटना के बाद समाज में भारी आक्रोश था। लोगों ने सीबीआई जांच की मांग करते हुए 10 जून को बलौदा बाजार के दशहरा मैदान में एक विशाल आंदोलन किया। आंदोलन के दौरान हजारों लोग इकट्ठा हुए, लेकिन हालात बेकाबू हो गए और भीड़ उग्र हो गई। प्रदर्शनकारियों ने तहसील कार्यालय, संयुक्त जिला कार्यालय और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आगजनी और तोड़फोड़ कर दी। इसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 13 अलग-अलग एफआईआर दर्ज की और लगातार आरोपियों की धरपकड़ जारी रखी।
गिरफ्तारी के बाद राजनीति गरमाई
बलौदा बाजार हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ मामले में शुरू से ही राजनीति हावी रही। कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी पार्टियों ने इस मामले में निर्दोष लोगों की गिरफ्तारी पर आपत्ति दर्ज कराई, वहीं कांग्रेस के भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के साथ ही कांग्रेस के कई नेताओं की गिरफ्तारी के बाद से यह घटना पूरी तरह से राजनीतिक रूप ले लिया। वहीं अब आम आदमी पार्टी के युवा विंग के जिला अध्यक्ष की गिरफ्तारी के बाद यह मामला फिर से चर्चा में आ गया है। बता दें कि इससे पहले कांग्रेस, भीम आर्मी, भीम रेजिमेंट, भीम क्रांतिवीर और सतनाम सेना के नेताओं को गिरफ्तार किया जा चुका है।
कई आरोपियों को मिल चुकी है जमानत
इस मामले में अब तक कई बड़े राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के नेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर अभी और गिरफ्तारियां संभव हैं। मामले में गिरफ्तार कई आरोपी सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और सत्र न्यायालय से जमानत पा चुके हैं, लेकिन कई अभी भी जेल से बाहर नहीं आ पाए हैं।
Author: UnfearNews
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